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सेवा-सेतु केन्द्र बने सुशासन की नई पहचान, अब 441 सरकारी सेवाएं एक क्लिक पर…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन मॉडल को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में ‘‘सेवा-सेतु केन्द्र’’ नागरिकों के लिए सुविधा, पारदर्शिता और त्वरित सेवाओं का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहे हैं। राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को गांव-गांव तक सरल, सुलभ और डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में अब 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।राज्य शासन द्वारा सभी सेवा-सेतु केन्द्रों की एक समान पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनके मुख्य द्वार पर नवीन बोर्ड एवं नाम पट्टिकाएं स्थापित की जा रही हैं। साथ ही सभी प्रचार सामग्री, पोर्टल और सेवा पावती में अब ‘‘लोक सेवा केन्द्र’’ के स्थान पर ‘‘सेवा-सेतु केन्द्र’’ नाम और शासन द्वारा निर्धारित सेवा-सेतु लोगो का उपयोग किया जा रहा है। यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि नागरिक सेवाओं के विस्तार, तकनीकी सशक्तिकरण और सुशासन की नई कार्य संस्कृति की शुरुआत है।

क्यूआर कोड से मिलेगी सेवाओं की सम्पूर्ण जानकारी

जिले के सभी सेवा-सेतु केन्द्रों में लगाए जा रहे बैनर एवं पोस्टरों पर विशेष क्यूआर कोड अंकित किए जा रहे हैं। क्यूआर कोड स्कैन करते ही नागरिकों को उपलब्ध 441 सेवाओं की विस्तृत सूची तथा प्रत्येक सेवा के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त हो सकेगी। इससे नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सूचना प्राप्ति की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सरल बनेगी। कलेक्टोरेट कार्यालय बेमेतरा स्थित सेवा-सेतु केन्द्र में भी क्यूआर कोड युक्त बैनर एवं पोस्टर लगाए गए हैं, जिनका लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है।

वॉट्सऐप बना सरकारी सेवाओं का नया माध्यम

छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक और अधिक सहज रूप में पहुंचाने के लिए वॉट्सऐप आधारित सेवा प्रणाली भी शुरू की है। अब प्रदेशवासी केवल एक वॉट्सऐप नंबर पर संदेश भेजकर आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-नकल, नाम परिवर्तन हेतु साधारण राजपत्र अधिसूचना सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

एआई तकनीक से सेवाएं होंगी और आसान

सेवा-सेतु व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे कम पढ़े-लिखे नागरिक भी स्थानीय भाषा और वॉयस कमांड के माध्यम से सेवाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे। इस नवाचार का उद्देश्य सरकार और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करना तथा सेवाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी बनाना है।

डिजिटल इंडिया के सपने को मिल रही नई मजबूती

सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, त्वरित और सुगम सेवाएं उपलब्ध हों। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत कर रही है, बल्कि सुशासन को नागरिकों के द्वार तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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