Homeदेशस्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा सिकल सेल रोग पर राज्य स्तरीय परामर्श आयोजित

स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा सिकल सेल रोग पर राज्य स्तरीय परामर्श आयोजित

रायपुर | 07 सितंबर, 2026 छत्तीसगढ़ में सिकल सेल रोग की रोकथाम, शीघ्र पहचान, उपचार एवं देखभाल को और अधिक प्रभावी बनाने तथा राज्य में सिकल सेल सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से रायपुर में सिकल सेल रोग पर राज्य स्तरीय परामर्श का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से किया गया, जिसमें सिकल सेल रोग के सर्वाधिक रोगी वाले शीर्ष 11 जिलों – बस्तर, सरगुजा, रायगढ़, जशपुर, गरियाबंद, कबीरधाम, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, धमतरी एवं महासमुंद के प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन में राज्य नोडल अधिकारी डॉ. के. आर. सोनवानी द्वारा सिकल सेल उन्मूलन मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति पर मुख्य संबोधन दिया गया।

तकनीकी सत्रों में राज्य में सिकल सेल रोग की वर्तमान स्थिति, प्रमुख केन्द्रों एवं इकाइयों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही स्क्रीनिंग, प्रबंधन एवं उपचार अनुपालन को बेहतर बनाने के उपायों, नवीनतम अपडेट तथा शोध पर भी जानकारी साझा की गई।

परामर्श में राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों की सिकल सेल देखभाल में भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान बस्तर मेडिकल कॉलेज की डॉ. स्मिता वर्मा, रायपुर मेडिकल कॉलेज के डॉ. ओंकार खंडवाल तथा सरगुजा मेडिकल कॉलेज के डॉ. आलोक सिंह ने अपने अनुभव साझा किए तथा प्रभावित बच्चों के लिए विशेषज्ञ सेवाएं, उपचार एवं रेफरल व्यवस्था को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।

सिकल सेल रोग के प्रभावी प्रबंधन के लिए बहु-विभागीय समन्वय को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में रखा गया। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रतिनिधियों ने प्रभावित बच्चों एवं परिवारों तक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने में अपने-अपने विभाग की भूमिका पर विचार साझा किए।

सत्र के दौरान सामाजिक कलंक (सोशल स्टिग्मा) एवं सिकल सेल रोग से जुड़े सामाजिक-मनोवैज्ञानिक पहलुओं, परिवारों में जागरूकता तथा समुदाय में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

तकनीकी सत्र में *’जशपुर मॉडल फॉर सिकल सेल केयर’* को एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। साथ ही सिकल सेल प्रबंधन में तकनीक की भूमिका तथा छत्तीसगढ़ में सेवाओं को मजबूत करने की रणनीतियों पर विचार रखा गया।

कार्यक्रम में यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एम्स रायपुर के डॉ. सुनील तथा डॉ. अमित कुमार मिश्रा, आयुष विश्वविद्यालय के डॉ. चंद्रेश सिन्हा, आयुष संचालनालय के डॉ. अरविंद मरावी, सिकल सेल संस्थान के डॉ. जागृति चंगराकर तथा डॉ. आदित्य, संगवारी संस्था के डॉ. योगेश्वर कालकोंडे, NASCO, साल्वियो थेराप्यूटिक्स से डॉ. सुचित्रा कटारिया, एकम फाउंडेशन, MCCR ट्रस्ट एवं निजी चिकित्सक डॉ. विकास गोयल सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं ने भाग लिया।

परामर्श के दौरान प्रतिभागियों को चार समूहों में विभाजित कर समूह कार्य कराया गया, जिसमें चार प्रमुख क्षेत्रों पर कार्य किया गया –
1. स्क्रीनिंग कवरेज बढ़ाना
2. उपचार प्राप्ति एवं उपचार अनुपालन में सुधार
3. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की कवरेज बढ़ाना
4. रेफरल तंत्र को मजबूत करना

प्रत्येक समूह द्वारा अपनी कार्य योजना एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। अंत में जमीनी स्तर पर सेवाओं के संचालन के दौरान आने वाली चुनौतियों, उपलब्ध संसाधनों तथा सुधार की संभावनाओं पर खुली चर्चा हुई।

कार्यक्रम को सफल बनाने में राज्य नोडल अधिकारी डॉ. के. आर. सोनवानी, राज्य सलाहकार (सिकल सेल) डॉ. वर्षा राजपूत एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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