Homeराज्यउत्तराखंडUttarakhand News: उत्तराखंड में बिजली संकट के बीच बड़ा एक्शन, सरकारी दफ्तरों...

Uttarakhand News: उत्तराखंड में बिजली संकट के बीच बड़ा एक्शन, सरकारी दफ्तरों समेत बड़े बकायेदारों से होगी बिलों की वसूली….

देहरादून. उत्तराखंड में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच दबाव की स्थिति के बीच उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बड़े बकायेदारों से बिजली बिल की वसूली तेज करने की तैयारी की है. इस प्रक्रिया में निजी उपभोक्ताओं के साथ सरकारी विभागों और संस्थानों को भी शामिल किया गया है.

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी के मुताबिक, बकायेदारों के संबंध में शासन स्तर पर प्रमुख सचिव ऊर्जा की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है. इसके बाद विभिन्न विभागों के सचिवों को पत्र भेजकर लंबित बिजली बिलों का भुगतान करने का अनुरोध किया गया है.

सरकारी विभागों से वसूली

ऊर्जा विभाग की ओर से सरकारी विभागों के साथ बकाया बिजली बिल को लेकर पत्राचार शुरू किया गया है. विभागों से भुगतान का अनुरोध करने के बाद भी बकाया रहने पर आगे की वसूली प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

यूपीसीएल की ओर से 2026 में सार्वजनिक की गई बकायेदारों की सूची में सरकारी संस्थानों और निजी औद्योगिक इकाइयों पर कुल 104.57 करोड़ रुपये की देनदारी दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी. सूची में अलग-अलग सरकारी संस्थानों और परियोजनाओं पर लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का बकाया बताया गया था.

कई संस्थान सूची में

बकायेदारों की सूची में जल संस्थान और पेयजल निगम के अलग-अलग खातों के अलावा देहरादून में जलकल अभियंता से जुड़े खाते भी शामिल बताए गए हैं. इसके अलावा सिंचाई विभाग और पुलिस विभाग के कार्यालयों तथा चिकित्सा शिक्षा से जुड़े संस्थानों का नाम भी सूची में होने की जानकारी सामने आई.

सोबन सिंह जीना मेडिकल कॉलेज पर भी बिजली बिल की देनदारी दर्ज होने की बात सामने आई थी. सरकारी विभागों पर बिजली बिल लंबित रहने की समस्या पहले भी अलग-अलग जिलों में सामने आती रही है.

बिजली संकट पर सवाल

उत्तराखंड में मौजूदा बिजली आपूर्ति की स्थिति के बीच यूपीसीएल की ओर से जलविद्युत उत्पादन में कमी और पीक आवर्स में बढ़ती मांग के कारण रोस्टरिंग को न्यूनतम रखने के प्रयास किए जा रहे हैं. यूपीसीएल ने सितंबर 2026 में विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए रणनीतिक प्रयास शुरू किए हैं.

वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र सेठी ने बिजली संकट को चिंता का विषय बताया है. उनका कहना है कि उत्तराखंड में पावर प्रोजेक्ट की संभावनाएं होने के बावजूद ऐसी स्थिति बनना गंभीर है और बड़े बकायेदारों से प्रभावी वसूली के लिए स्थायी व्यवस्था की जरूरत है.

उनके मुताबिक, छोटे बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई दिखाई देती है, लेकिन बड़े बकायेदारों से प्रभावी वसूली नहीं होने पर रकम बढ़कर करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments